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Clerks, Peons named as UP Board evaluators

Date :10/29/2015 4:40:24 AM
Most of the schools in remote areas across the state have listed peons, chowkidaars, clerks and those involved in sanitary work as 'subject experts' for evaluating answer sheets. Gross anomalies have been detected in the naming of evaluators for next year's class X and XII UP Board exams. This year's process is scheduled to be completed by December 31. The anomalies were detected after the board expedited the process of preparing a database of invigilators for the Class XII practical exams.
 
Principals of all government, aided and self-financed schools have to provide details of subject experts for evaluation and invigilation work for the board exams. Teacher details — including academic qualification, year of joining and expertise — are uploaded on the board's website as part of a system introduced in 2013. 
 
UP Board secretary Shail Yadav has written to the principals to rectify the mistakes as soon as possible. "Principals were found to have uploaded the name of chowkidaars, safai karmcharis and clerks along with other non-academic staff in the past year also "This year too such anomalies have been detected and since the work is undergoing, principals have been strictly warned that they should immediately delete any such mistakes."
 
"While doing the same, it was found that principals in remote schools across the state have uploaded the name of non-academic staff for invigilation," a board official said on the condition of anonymity. "After this, the details of teachers being uploaded for evaluation were screened and innumerable schools were found to have committed the irregularities." He said details of non-teaching staff along with those of academic staff had been uploaded by the principals. Most teachers were found to be ineligible for evaluation and invigilation work. 
 
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नेक्स्ट सेशन से 11वीं व 12वीं का सिलेबस अलग

Date :10/16/2015 11:21:01 PM
नेक्स्ट सेशन से यूपी बोर्ड 11वीं और 12वीं का सेलेबस अलग करने जा रहा है। लम्बे समय से चल रही इस कवायद को अब अमली जामा पहनाने की बारी है। शासन से ग्रीन सिग्नल मिल चुका है और नोटिफकेशन प्रिंटिंग के लिए गवर्नमेंट प्रेस में जा चुका है। यानी अगले सत्र में 11वीं में प्रवेश लेने वाले छात्र सिर्फ इसी क्लास के सेलेबस पर एग्जाम देंगे। 12वीं में उन्हें सेपरेट सेलेबस मिलेगा और एग्जाम में क्वैश्चंस भी इसी सेलेबस से पूछे जाएंगे.
 
अब तक था दो क्लास का प्रेशर
यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिक्षा लेने वाले छात्रों को इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 11वीं और 12वीं दोनों क्लास के सेलेबस को बढ़ना होता था। क्योंकि बोर्ड एग्जाम के लिए सेलेबस मर्ज किया गया था। एग्जाम अब भी वे दोनों क्लासेज का अलग- अलग देते थे। बोर्ड के अधिकारियों का मानना था कि इससे छात्रों पर एक्स्ट्रा बर्डेन पड़ रहा है। इस परंपरा को बदलने की कवायद इस एजुकेशन सेशन के शुरुआत में ही हो गई थी। ऑफिसर्स मानते थे कि दोनों क्लासेज के सेलेबस को सेपरेट कर दिया जाय तो प्रेशर कम हो जाएगा और छात्र ज्यादा बेहतर दे पाएंगे.
 
कोर्स डिवाइड करने का फॉर्मूला तैयार
यूपी बोर्ड ने इंटरमीडिएट के सिलेबस में 11वीं व 12वीं का सिलेबस अलग करने का पूरा मसौदा तैयार कर लिया है। सिलेबस अलग होने के बाद वर्ष 2016- 17 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स अब उसी के अनुसार अपनी पढ़ाई करेंगे। क्या- क्या 11वीं में पढ़ना होगा और क्या- क्या 12वीं में? इस पर अभी बोर्ड के ऑफिसर्स कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं लेकिन, इतना जरूर बताते हैं कि एक पखवारे के भीतर तस्वीर साफ हो सकती है.
 
शासन से हरी झंडी
यूपी बोर्ड की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल इंटरमीडिएट के सिलेबस को अलग करने की प्लानिंग को शासन की ओर से हरी झंडी मिल चुकी है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव शैल यादव ने बताया कि बोर्ड ने एक्सप‌र्ट्स की मीटिंग में 11वीं व 12वीं के सिलेबस को अलग करने की कार्ययोजना बनाई है। इससे दोनों ही क्लासेज का स्टैण्डर्ड बना रहेगा और स्टूडेंट्स पर पड़ने वाले दो सालों के सिलेबस का अतिरिक्त बोझ कम हो जाएगा। एक्सप‌र्ट्स की राय से नए प्रारूप में तैयार किए गए सिलेबस को दोनों ही क्लासेज के लिए बैंलेंस करके तैयार किया गया है। नए सिलेबस के प्रस्ताव को शासन के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था। मंजूरी मिलने के बाद उसे नोटिफिकेशन के लिए गर्वनमेंट प्रेस में प्रिंटिंग के लिए भेज दिया गया है। आने वाले दस से पन्द्रह दिनों के अंदर नोटिफिकेशन तैयार हो जाएगा। इसके बाद नेक्स्ट ईयर के लिए यूपी बोर्ड में इसे शामिल कर दिया जाएगा। जिससे नए सत्र में 12वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स को इसका लाभ मिल सके.
 
सेलेबस सेपरेशन से 11वीं व 12वीं दोनों ही क्लासेज का स्टैण्डर्ड बना रहेगा और स्टूडेंट्स पर पड़ने वाले दो सालों के सिलेबस का अतिरिक्त बोझ कम हो जाएगा। एक्सप‌र्ट्स की राय से तैयार नए प्रारूप में दोनों ही क्लासेज के लिए प्रेशर को बैंलेंस किया गया है।
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